वैदिक परंपरा से मिटेंगे सर्व समाज के कष्ट
करौली शंकर महादेव ने ‘निशुल्क आनंद दरबार’ के जरिए खोला खुशहाली का द्वार

कानपुर। वर्षों पूर्व सर्व समाज को रोग, शोक और भय से मुक्त करने का जो संकल्प पूर्ण गुरु श्री करौली शंकर महादेव जी ने लिया था, वह आज एक विराट अभियान का रूप ले चुका है। कानपुर स्थित करौली धाम आश्रम में आयोजित ‘निशुल्क आनंद दरबार’ के माध्यम से हजारों लोग अपनी समस्याओं का समाधान पा रहे हैं। पूर्ण गुरु जी के अनुसार, आधुनिक समाज में चाहे कोई अमीर हो या गरीब, हर व्यक्ति किसी न किसी कष्ट से जूझ रहा है क्योंकि वह अपनी वैदिक सनातन परंपरा से दूर हो चुका है।
पूर्ण गुरु श्री करौली शंकर महादेव जी ने बताया कि आश्रम में वर्षों के शोध और अनुसंधानों के बाद यह सिद्ध किया गया है कि असाध्य रोगों और मानसिक अशांति का मुख्य कारण ‘पितृ दोष’ और नकारात्मक ऊर्जाएं हैं। करौली धाम की विशिष्ट एक दिवसीय वैदिक अनुष्ठान प्रक्रिया द्वारा एक ही परिवार के सभी सदस्यों के डीएनए से जुड़े रोग, शोक और बाधाओं को जड़ से नष्ट किया जाता है।
असमर्थ लोगों के लिए ’11 अमावस्या’ का संकल्प
समाज के उन वर्गों को ध्यान में रखते हुए जो एक दिवसीय वैदिक अनुष्ठान करने में असमर्थ हैं या जो पहले लाभ को प्रत्यक्ष देखना चाहते हैं, उनके लिए गुरुदेव ने निशुल्क आनंद दरबार की शुरुआत की है।

• यह दरबार प्रत्येक अमावस्या को आयोजित किया जाता है। पिछले माह जनवरी में वसंत पंचमी के पावन अवसर पर इसकी भव्य शुरुआत हुई थी ।मान्यता और विश्वास है कि यदि कोई पीड़ित व्यक्ति लगातार 11 अमावस्या इस निशुल्क आनंद दरबार में सम्मिलित होता है, तो उसे वही पुण्य फल प्राप्त होता है जो एक दिवसीय वैदिक अनुष्ठान से मिलता है।
आज के इस ‘निशुल्क आनंद दरबार’ में सम्मिलित सभी श्रद्धालुओं ने ध्यान-साधना और संकल्प के माध्यम से अपने आर्थिक, मानसिक एवं शारीरिक कष्टों से मुक्ति का साक्षात् अनुभव किया। पूर्ण गुरु श्री करौली शंकर महादेव के पावन सानिध्य में संपन्न हुई इस दिव्य ध्यान-साधना के पश्चात, उपस्थित जनसमूह ने अपने जीवन में वास्तविक आनंद की अनुभूति की।
हाल ही में आयोजित निशुल्क आनंद दरबार में न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी श्रद्धालु पहुंचे। दरबार में आए लोगों ने अनुभव किया कि कैसे वैदिक रीति-रिवाजों और गुरु कृपा से उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। पूर्ण गुरु श्री करौली शंकर महादेव जी का यह लक्ष्य अब एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है, जिसका उद्देश्य हर घर को खुशहाल और भयमुक्त बनाना है।
• संकल्प: रोग, शोक और भय मुक्त सर्व समाज का निर्माण।
• समाधान: वैदिक संतान परंपरा और डीएनए शुद्धिकरण।
• अवसर: प्रत्येक अमावस्या को निशुल्क आनंद दरबार का आयोजन।
• विशेष: 11 अमावस्या की हाजिरी से असाध्य कष्टों से मुक्ति का मार्ग।

