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दादरपुर में भगवताचार्य के साथ अमानवीय व्यवहार पर बवाल, सपा नेताओं ने की दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग
___________________________लोकसत्ता भारत
चेतन जैन
जसवंतनगर/इटावा
महेवा ब्लॉक के दादरपुर गांव में एक प्रतिष्ठित भगवताचार्य के साथ किए गए अमानवीय और अपमानजनक व्यवहार को लेकर क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। संविधानिक मूल्यों और धार्मिक स्वतंत्रता की खुली अवहेलना करने वाली इस घटना की समाजवादी पार्टी और पीडीए (प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबंधन) के नेताओं ने कड़ी निंदा की है।
शनिवार को निलोई और बहोरीपुरा गांवों में आयोजित पीडीए की बैठक में सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप बबलू शाक्य ने कहा कि जिस तरह एक संत के साथ चोटी काटने, सिर मुंडवाने और नाक रगड़वाने जैसी घटनाएं हुईं, वह न केवल शर्मनाक हैं बल्कि लोकतांत्रिक और सांस्कृतिक मूल्यों पर सीधा प्रहार हैं।
उन्होंने कहा, “यह घटना उन ताकतों की मानसिकता को उजागर करती है जो धार्मिक असहिष्णुता और भय का माहौल बनाकर समाज में विभाजन पैदा करना चाहती हैं।”
बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि इस घटना में शामिल कुछ लोग गांजा तस्करी जैसी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हैं, लेकिन पुलिस ने सिर्फ चार लोगों की गिरफ्तारी कर कार्रवाई की इतिश्री समझ ली है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सभी दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कठोर दंड नहीं दिया गया, तो सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
श्री शाक्य ने कहा, “भगवताचार्य केवल किसी एक पंथ के नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की साझा धरोहर हैं। उनका अपमान हम सबका अपमान है।”
बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा भी उठाया गया—प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी प्राइमरी स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से बंद करने की योजना। सपा नेताओं ने इसे एक “राजनीतिक साजिश” बताया और आरोप लगाया कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान केंद्रों की संख्या घटाकर गरीब व वंचित तबकों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से दूर
बैठक में कन्नौज पीडीए प्रभारी अनिल प्रताप सिंह, उदय भान सिंह यादव, विधायक प्रतिनिधि अजेन्द्र गौर, रामवीर सिंह, जितेन्द्र मोना यादव, खन्ना, सुनील यादव, अशोक क्रांतिकारी, इन्द्रेश फौजी, अनवर सिंह, आलोक गैंगलश, सूरज पाल, शिवप्रकाश समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए
