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धूप निकली, मक्का किसानों के चेहरे खिले
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लोकसत्ता भारत
चेतन जैन
धूप निकली, मक्का किसानों के चेहरे खिले
सैफई ( इटावा) दो दिन से लगातार कई घंटे तक धूप निकलने से मक्का किसानों के चेहरे खिले हुए है। किसान मक्का को सुखाकर मंडी में बेचने ले जा रहे है।
पिछले लगभग 15 दिन से जिले के मक्का किसान अपनी मक्का की फसल को सुखाने को लेकर को बेहद चिंतित हैं। जहां पूर्व में मक्का की फसल पैदा करने वाले किसानों ने अपनी फसल को मंडी में बेच दिया है वही खेतों में देरी से बोई गई मक्का की फसल देरी से तैयार हुई तो बारिश ने किसानों का गणित बिगाड़ दिया। किसान लगातार अपनी मक्का की फसल को सड़कों पर डालकर सुखाने में लगे हुए हैं।
बीते सप्ताह लगातार चार-चार दिन तक पानी बरसने के कारण किसानों की मक्का की फसल खराब होने की भी खबर है। वही बीते दो दिन से लगातार निकली धूप ने किसानों के चेहरे खिला दिए और किसान अपनी मक्का की फसल को मंडी बेच रहा है बैरायटी मक्का की फसल लगभग तीन महीने में तैयार होती है और जुलाई की शुरुआत से आखिरी सप्ताह तक कट जाती है जिले में बैरायटी मक्का की फसल की पैदावार जहां ज्यादा होती है वहीं देशी मक्का की पैदावार काफी कम हो रही है। इसलिए किसानों ने अब देशी मक्का की पैदावार लगभग बंद कर दी और सभी किसान फसल की पैदावार ज्यादा मिलने की वजह से वैरायटी मक्का की पैदावार अपने खेतों में करने लगा है। वही देशी मक्का बाजार से पूरी तरह गायब हो गई है वर्तमान में मक्का का रेट 1800 से 2000 रुपये प्रति कुंटल के बीच चल रहा है अच्छी और सूखी हुई मक्का 2100 तक बाजार में बेची जा रही है। किसानों का कहना यह है कि अगर एक सप्ताह तक अगर लगातार धूप निकलती है तो पूरे जनपद के मक्का किसान अपनी पूरी फसल को मंडी में बेच सकेंगे।
